
बनारस घूमें
वाराणसी (बनारस) में घूमने की जगह
मंदिर, घाट और इतिहास: हर जगह के साथ उसका सही समय, ताकि आप कम समय में ज़्यादा देख सकें।
मंदिरकाशी विश्वनाथ मंदिर
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर से गंगा घाट तक सीधा और चौड़ा रास्ता है।
- समय: लगभग सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक (मंगला आरती से शुरू)
- प्रवेश: सामान्य दर्शन फ़्री; सुगम दर्शन और आरती के लिए टिकट
घाटदशाश्वमेध घाट
शाम की गंगा आरती के लिए सबसे मशहूर घाट। आरती से काफ़ी पहले पहुँचकर जगह ले लीजिए।
- समय: पूरे दिन खुला; गंगा आरती सर्दी (अक्टूबर–मार्च) में लगभग शाम 6 बजे और गर्मी में 6:45 बजे, लगभग 45 मिनट
- प्रवेश: फ़्री (नाव का किराया अलग)
घाटअस्सी घाट
सुबह-ए-बनारस, योग और कुल्हड़ वाली चाय। शहर की सबसे शांत सुबह यहीं मिलती है।
- समय: सुबह-ए-बनारस लगभग सुबह 5 बजे (गर्मी में और जल्दी)
- प्रवेश: फ़्री
घाटमणिकर्णिका घाट
काशी का महाश्मशान। यहाँ फ़ोटो लेने से बचिए और सम्मान बनाए रखिए।
- समय: 24 घंटे खुला
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरसंकट मोचन मंदिर
हनुमान जी का प्राचीन मंदिर, तुलसीदास जी से जुड़ा हुआ। मंगलवार और शनिवार को भीड़ ज़्यादा होती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरकाल भैरव मंदिर
काशी के कोतवाल। मान्यता है कि बनारस यात्रा इनके दर्शन के बिना अधूरी है।
- समय: लगभग सुबह 5 से दोपहर 1:30 और शाम 4:30 से रात 9:30
- प्रवेश: फ़्री
इतिहाससारनाथ
जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया। धमेख स्तूप और म्यूज़ियम के लिए आधा दिन रखिए।
- समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक; म्यूज़ियम शुक्रवार को बंद
- प्रवेश: स्तूप परिसर का ASI टिकट: भारतीयों के लिए लगभग ₹25 और विदेशियों के लिए ₹300 (ऑनलाइन थोड़ा सस्ता); 15 साल से कम बच्चों के लिए फ़्री। म्यूज़ियम का टिकट अलग है
इतिहासरामनगर क़िला
गंगा के उस पार काशी नरेश का क़िला, जिसमें पुरानी गाड़ियों और हथियारों का संग्रहालय है।
- समय: लगभग सुबह 10 से शाम 5 बजे
- प्रवेश: म्यूज़ियम के लिए छोटा टिकट
मंदिरअन्नपूर्णा मंदिर
अन्न की देवी माता अन्नपूर्णा का मंदिर, जिनके बारे में मान्यता है कि वो काशी में किसी को भूखा नहीं सोने देतीं।
- समय: लगभग सुबह 4 से रात 11 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरदुर्गा कुंड मंदिर
एक बड़े पवित्र कुंड के किनारे माँ दुर्गा का सुंदर लाल मंदिर, जहाँ नवरात्रि में ख़ास रौनक़ रहती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरतुलसी मानस मंदिर
भगवान राम का सफ़ेद संगमरमर का मंदिर, जिसकी दीवारों पर पूरी रामचरितमानस अंकित है।
- समय: लगभग सुबह 5:30 से दोपहर 12 और शाम 3:30 से रात 9 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरश्री विश्वनाथ मंदिर (BHU)
BHU परिसर में भगवान शिव का भव्य संगमरमर का मंदिर, जिसका शिखर भारत के सबसे ऊँचे मंदिर शिखरों में से एक है, और जो सबके लिए खुला है।
- समय: लगभग सुबह 4 से दोपहर 12 और दोपहर 1 से रात 9 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री
घाटनमो घाट
विशाल 'नमस्ते' मूर्तियों, खुली जगह और मालवीय पुल के नज़ारे वाला नया विकसित घाट।
- समय: पूरे दिन खुला; सूर्यास्त के समय सबसे अच्छा
- प्रवेश: फ़्री