
घाटगोदौलिया के पास
दशाश्वमेध घाट
शाम की गंगा आरती के लिए सबसे मशहूर घाट। आरती से काफ़ी पहले पहुँचकर जगह ले लीजिए।
परिचय
दशाश्वमेध बनारस का सबसे व्यस्त और जीवंत घाट है। मान्यता है कि यहाँ ब्रह्मा जी ने दस अश्वमेध यज्ञ किए थे, इसी से घाट का नाम पड़ा।
हर शाम केसरिया वस्त्रों में युवा पुजारी नदी की ओर मुँह करके लकड़ी के चबूतरों पर गंगा आरती करते हैं। शंख, घंटे, मंत्र और बड़े-बड़े पीतल के दीपक, ये 45 मिनट ज़्यादातर यात्रियों की सबसे यादगार याद बन जाते हैं।
दिन में ये घाट रोज़ के बनारस की झलक है: स्नान करते श्रद्धालु, आवाज़ लगाते नाविक, फूल बेचने वाले और बाँस की छतरियों के नीचे बैठे पंडे।

ज़रूर देखें
- शाम की गंगा आरती
- नाव से आरती देखना
- सुबह की नाव यात्रा का शुरुआती पॉइंट
- पास में शीतला माता मंदिर
यात्रा टिप्स
- सीढ़ियों पर अच्छी जगह के लिए सूर्यास्त से 45–60 मिनट पहले पहुँचें।
- सबसे अच्छे नज़ारे के लिए नाव लेकर नदी से आरती देखें। किराया पहले तय करें।
- भीड़ में अपने मोबाइल और पर्स का ध्यान रखें।
- पास का राजेंद्र प्रसाद घाट थोड़ा कम भीड़ वाला होता है।
लोकेशन
गोदौलिया के पास
आसपास की जगहें
मंदिरकाशी विश्वनाथ मंदिर
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर से गंगा घाट तक सीधा और चौड़ा रास्ता है।
- समय: लगभग सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक (मंगला आरती से शुरू)
- प्रवेश: सामान्य दर्शन फ़्री; सुगम दर्शन और आरती के लिए टिकट
घाटमणिकर्णिका घाट
काशी का महाश्मशान। यहाँ फ़ोटो लेने से बचिए और सम्मान बनाए रखिए।
- समय: 24 घंटे खुला
- प्रवेश: फ़्री
घाटअस्सी घाट
सुबह-ए-बनारस, योग और कुल्हड़ वाली चाय। शहर की सबसे शांत सुबह यहीं मिलती है।
- समय: सुबह-ए-बनारस लगभग सुबह 5 बजे (गर्मी में और जल्दी)
- प्रवेश: फ़्री