सुबह का नाश्ताकचौड़ी-सब्ज़ी और जलेबी
बनारस का असली नाश्ता: ख़स्ता कचौड़ी, आलू की तीखी सब्ज़ी, और ऊपर से गरम जलेबी।

खाने की गाइड
बनारस में हर चीज़ का अपना समय है। सुबह कचौड़ी, शाम को चाट, सर्दी में मलइयो।
सुबह का नाश्ताबनारस का असली नाश्ता: ख़स्ता कचौड़ी, आलू की तीखी सब्ज़ी, और ऊपर से गरम जलेबी।
शाम कोकुल्हड़ में मसालेदार, खट्टी-मीठी चाट। बनारस के बाहर इसका असली स्वाद मिलना मुश्किल है।
सिर्फ़ सर्दी मेंदूध का झाग जो रात भर ओस में जमता है। हल्का, केसरिया और मुँह में घुल जाने वाला।
दिन में कभी भीगाढ़ी लस्सी, ऊपर मलाई की मोटी परत। गर्मी में घाट घूमने के बाद इससे बेहतर कुछ नहीं।
खाने के बादपहली बार खा रहे हैं तो मीठा पान लीजिए। बनारस की पहचान है ये।
सुबह या शामखोये से भरी, लौंग से बंद की गई और चाशनी में डूबी मिठाई।
होली और शिवरात्रि परदूध, मेवे और मसालों से बनी ठंडी ड्रिंक। त्योहारों पर बनारस की गलियों में हर जगह मिलती है।
दोपहर या रातपूर्वांचल का देसी खाना: आग पर सिकी बाटी, बैंगन-आलू का चोखा और घी।