
मंदिरदुर्गाकुंड, संकट मोचन के पास
तुलसी मानस मंदिर
भगवान राम का सफ़ेद संगमरमर का मंदिर, जिसकी दीवारों पर पूरी रामचरितमानस अंकित है।
परिचय
तुलसी मानस मंदिर भगवान राम को समर्पित है और उस जगह पर बना है जहाँ मान्यता के अनुसार गोस्वामी तुलसीदास जी ने 16वीं सदी में रामचरितमानस की रचना की थी।
1964 में चमकदार सफ़ेद संगमरमर से बने इस मंदिर की दीवारों पर पूरी रामचरितमानस के दोहे-चौपाइयाँ अंकित हैं, साथ ही महाकाव्य के दृश्यों के चित्र भी हैं।
ऊपरी मंज़िल पर चलती-फिरती मूर्तियों की झाँकी रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर देती है, जो बच्चों और परिवारों को ख़ास तौर पर पसंद आती है।
ज़रूर देखें
- दीवारों पर रामचरितमानस की चौपाइयाँ
- सफ़ेद संगमरमर में राम दरबार
- ऊपर रामायण की चलती झाँकी
- शांत बगीचा
यात्रा टिप्स
- मंदिर दोपहर में बंद रहता है; सुबह या शाम का समय रखें।
- दुर्गा कुंड और संकट मोचन के साथ आसान मंदिर यात्रा बनाएँ।
- जूते-चप्पल प्रवेश पर उतारने होते हैं; उनके लिए एक छोटा थैला रखें।
लोकेशन
दुर्गाकुंड, संकट मोचन के पास
आसपास की जगहें
मंदिरदुर्गा कुंड मंदिर
एक बड़े पवित्र कुंड के किनारे माँ दुर्गा का सुंदर लाल मंदिर, जहाँ नवरात्रि में ख़ास रौनक़ रहती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरसंकट मोचन मंदिर
हनुमान जी का प्राचीन मंदिर, तुलसीदास जी से जुड़ा हुआ। मंगलवार और शनिवार को भीड़ ज़्यादा होती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरश्री विश्वनाथ मंदिर (BHU)
BHU परिसर में भगवान शिव का भव्य संगमरमर का मंदिर, जिसका शिखर भारत के सबसे ऊँचे मंदिर शिखरों में से एक है, और जो सबके लिए खुला है।
- समय: लगभग सुबह 4 से दोपहर 12 और दोपहर 1 से रात 9 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री