
मंदिरबनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर के अंदर
श्री विश्वनाथ मंदिर (BHU)
BHU परिसर में भगवान शिव का भव्य संगमरमर का मंदिर, जिसका शिखर भारत के सबसे ऊँचे मंदिर शिखरों में से एक है, और जो सबके लिए खुला है।
परिचय
श्री विश्वनाथ मंदिर, जिसे नया विश्वनाथ मंदिर या बिड़ला मंदिर भी कहते हैं, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर के बीच में है। इसकी परिकल्पना BHU के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी, और बिड़ला परिवार के सहयोग से इसका निर्माण हुआ।
1960 के दशक में पूरा हुआ ये मंदिर मूल काशी विश्वनाथ की तर्ज़ पर बना है, और इसका सफ़ेद संगमरमर का शिखर भारत के सबसे ऊँचे मंदिर शिखरों में से एक है। दीवारों पर गीता और दूसरे ग्रंथों के श्लोक अंकित हैं।
कई पुराने मंदिरों से अलग, ये मंदिर हर जाति और धर्म के लोगों के लिए खुला रखा गया है। शांत, खुला परिसर और आसपास का हरा-भरा विश्वविद्यालय इसे भीड़ भरे पुराने शहर से एक सुकून भरा ठहराव बनाते हैं।
ज़रूर देखें
- ऊँचा सफ़ेद संगमरमर का शिखर
- दीवारों पर गीता के श्लोक
- सभी धर्मों के लिए खुला
- हरा-भरा BHU परिसर
यात्रा टिप्स
- शाम का समय बहुत सुंदर होता है, मंदिर रोशनी से जगमगाता है और परिसर शांत रहता है।
- BHU के अंदर ही भारत कला भवन संग्रहालय भी देख लें।
- रास्ते में पड़ने वाले संकट मोचन और दुर्गा कुंड को भी साथ जोड़ें।
लोकेशन
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर के अंदर
आसपास की जगहें
मंदिरसंकट मोचन मंदिर
हनुमान जी का प्राचीन मंदिर, तुलसीदास जी से जुड़ा हुआ। मंगलवार और शनिवार को भीड़ ज़्यादा होती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरदुर्गा कुंड मंदिर
एक बड़े पवित्र कुंड के किनारे माँ दुर्गा का सुंदर लाल मंदिर, जहाँ नवरात्रि में ख़ास रौनक़ रहती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री
घाटअस्सी घाट
सुबह-ए-बनारस, योग और कुल्हड़ वाली चाय। शहर की सबसे शांत सुबह यहीं मिलती है।
- समय: सुबह-ए-बनारस लगभग सुबह 5 बजे (गर्मी में और जल्दी)
- प्रवेश: फ़्री