घाटघाटों का दक्षिणी छोर, BHU के पास
अस्सी घाट
सुबह-ए-बनारस, योग और कुल्हड़ वाली चाय। शहर की सबसे शांत सुबह यहीं मिलती है।
परिचय

अस्सी घाट घाटों की श्रृंखला के दक्षिणी छोर पर है, जहाँ छोटी अस्सी नदी गंगा से मिलती थी। परंपरा से श्रद्धालु यहाँ स्नान करके पीपल के नीचे शिवलिंग की पूजा करते हैं।
हर सुबह 'सुबह-ए-बनारस' में सूर्योदय की आरती, शास्त्रीय संगीत और योग होता है। शहर में दिन शुरू करने का ये सबसे शांत तरीक़ा है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पास होने से अस्सी छात्रों का पसंदीदा अड्डा भी है, जहाँ कैफ़े, किताबों की दुकानें और चाय की टपरियाँ देर शाम तक गुलज़ार रहती हैं।

ज़रूर देखें
- सूर्योदय का सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम
- मणिकर्णिका तक सुबह की नाव
- कुल्हड़ चाय और कैफ़े
- शाम की छोटी आरती
यात्रा टिप्स
- सूर्योदय से पहले पहुँचिए, नदी पर सुबह की रोशनी जादुई होती है।
- अकेले हों तो अस्सी से मणिकर्णिका तक शेयर वाली नाव सस्ती पड़ती है।
- पास में कई गेस्ट हाउस हैं, इसलिए रुकने के लिए ये अच्छी जगह है।
लोकेशन
घाटों का दक्षिणी छोर, BHU के पास
आसपास की जगहें
मंदिरदुर्गा कुंड मंदिर
एक बड़े पवित्र कुंड के किनारे माँ दुर्गा का सुंदर लाल मंदिर, जहाँ नवरात्रि में ख़ास रौनक़ रहती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरश्री विश्वनाथ मंदिर (BHU)
BHU परिसर में भगवान शिव का भव्य संगमरमर का मंदिर, जिसका शिखर भारत के सबसे ऊँचे मंदिर शिखरों में से एक है, और जो सबके लिए खुला है।
- समय: लगभग सुबह 4 से दोपहर 12 और दोपहर 1 से रात 9 बजे तक
- प्रवेश: फ़्री
मंदिरसंकट मोचन मंदिर
हनुमान जी का प्राचीन मंदिर, तुलसीदास जी से जुड़ा हुआ। मंगलवार और शनिवार को भीड़ ज़्यादा होती है।
- समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
- प्रवेश: फ़्री