दुर्गा कुंड मंदिर

मंदिरदुर्गाकुंड, अस्सी और BHU के पास

दुर्गा कुंड मंदिर

एक बड़े पवित्र कुंड के किनारे माँ दुर्गा का सुंदर लाल मंदिर, जहाँ नवरात्रि में ख़ास रौनक़ रहती है।

सारी जगहें

परिचय

दुर्गा कुंड मंदिर 18वीं सदी में बंगाल की रानी भवानी ने बनवाया था। देवी के सम्मान में गहरे लाल रंग से रंगा ये मंदिर उत्तर भारतीय नागर शैली में बना है, जिसका शिखर ऊँचा और परतदार है।

मंदिर के बगल में दुर्गा कुंड है, पत्थर की सीढ़ियों वाला बड़ा तालाब, जिससे इस इलाक़े का नाम पड़ा। पानी में लाल मंदिर की परछाईं शाम के समय ख़ास तौर पर सुंदर लगती है।

दोनों नवरात्रि, और मंगलवार व शनिवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, और आसपास की सड़कों पर मेले जैसा माहौल रहता है।

ज़रूर देखें

  • लाल रंग का नागर शैली का मंदिर
  • पवित्र दुर्गा कुंड
  • नवरात्रि का उत्सव
  • बगल में तुलसी मानस मंदिर

यात्रा टिप्स

  • दुर्गा कुंड, तुलसी मानस मंदिर और संकट मोचन एक ही सुबह में देख लें; तीनों पास-पास हैं।
  • नवरात्रि की शाम सुंदर होती है पर भीड़ बहुत रहती है।
  • प्रसाद संभालकर रखें; इलाक़े में बंदर आम हैं।

लोकेशन

दुर्गाकुंड, अस्सी और BHU के पास

आसपास की जगहें

तुलसी मानस मंदिरमंदिर

तुलसी मानस मंदिर

भगवान राम का सफ़ेद संगमरमर का मंदिर, जिसकी दीवारों पर पूरी रामचरितमानस अंकित है।

  • समय: लगभग सुबह 5:30 से दोपहर 12 और शाम 3:30 से रात 9 बजे तक
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबह या शामपूरी जानकारी
संकट मोचन मंदिरमंदिर

संकट मोचन मंदिर

हनुमान जी का प्राचीन मंदिर, तुलसीदास जी से जुड़ा हुआ। मंगलवार और शनिवार को भीड़ ज़्यादा होती है।

  • समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबहपूरी जानकारी
श्री विश्वनाथ मंदिर (BHU)मंदिर

श्री विश्वनाथ मंदिर (BHU)

BHU परिसर में भगवान शिव का भव्य संगमरमर का मंदिर, जिसका शिखर भारत के सबसे ऊँचे मंदिर शिखरों में से एक है, और जो सबके लिए खुला है।

  • समय: लगभग सुबह 4 से दोपहर 12 और दोपहर 1 से रात 9 बजे तक
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबह या शामपूरी जानकारी