रामनगर क़िला

इतिहासरामनगर, गंगा का पूर्वी तट

रामनगर क़िला

गंगा के उस पार काशी नरेश का क़िला, जिसमें पुरानी गाड़ियों और हथियारों का संग्रहालय है।

सारी जगहें

परिचय

18वीं सदी के मध्य में राजा बलवंत सिंह द्वारा बनवाया गया रामनगर क़िला बनारस के महाराजा (काशी नरेश) का पैतृक निवास है। क्रीम रंग के बलुआ पत्थर से बना ये क़िला घाटों के ठीक सामने गंगा के किनारे से उठता है।

क़िले के एक हिस्से में संग्रहालय है जिसमें पुरानी कारें, चाँदी की पालकियाँ, शाही पोशाकें, पुराने हथियार और एक दुर्लभ खगोलीय घड़ी है। क़िले के दूसरे हिस्से में आज भी राज परिवार रहता है।

हर साल दशहरे के आसपास रामनगर की प्रसिद्ध महीने भर चलने वाली रामलीला होती है, जो लगभग दो सौ सालों से शहर की अलग-अलग जगहों पर खेली जाती है।

ज़रूर देखें

  • पुरानी कारों का संग्रह
  • शाही पालकियाँ और पोशाकें
  • खगोलीय घड़ी
  • गंगा पर सूर्यास्त का नज़ारा
  • रामनगर की रामलीला (दशहरा)

यात्रा टिप्स

  • BHU या अस्सी घाट के साथ जोड़ें, क्योंकि वो शहर के उसी तरफ़ हैं।
  • म्यूज़ियम में फ़ोटोग्राफ़ी के नियम बदलते रहते हैं; काउंटर पर पूछ लें।
  • रामनगर बाज़ार की लस्सी और नाश्ता ज़रूर चखें।

लोकेशन

रामनगर, गंगा का पूर्वी तट

आसपास की जगहें

अस्सी घाटघाट

अस्सी घाट

सुबह-ए-बनारस, योग और कुल्हड़ वाली चाय। शहर की सबसे शांत सुबह यहीं मिलती है।

  • समय: सुबह-ए-बनारस लगभग सुबह 5 बजे (गर्मी में और जल्दी)
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबहपूरी जानकारी
संकट मोचन मंदिरमंदिर

संकट मोचन मंदिर

हनुमान जी का प्राचीन मंदिर, तुलसीदास जी से जुड़ा हुआ। मंगलवार और शनिवार को भीड़ ज़्यादा होती है।

  • समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबहपूरी जानकारी
सारनाथइतिहास

सारनाथ

जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया। धमेख स्तूप और म्यूज़ियम के लिए आधा दिन रखिए।

  • समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक; म्यूज़ियम शुक्रवार को बंद
  • प्रवेश: स्तूप परिसर का ASI टिकट: भारतीयों के लिए लगभग ₹25 और विदेशियों के लिए ₹300 (ऑनलाइन थोड़ा सस्ता); 15 साल से कम बच्चों के लिए फ़्री। म्यूज़ियम का टिकट अलग है
सबसे अच्छा समय: आधा दिनपूरी जानकारी