वाराणसी में बनारसी साड़ी की दुकान

ख़रीदारी गाइड

वाराणसी में ख़रीदारी: बनारस में क्या ख़रीदें

हाथ से बुनी बनारसी सिल्क से लेकर पीतल की पूजा थाली तक, घर ले जाने लायक सबसे अच्छी चीज़ें और वो कहाँ मिलती हैं।

बनारसी सिल्क साड़ीGI टैग वाली कला

बनारसी सिल्क साड़ी

असली रेशम और ज़री (सोने या चाँदी के तार) से बुनी बनारसी साड़ी इस शहर की सबसे मशहूर कला है और हर भारतीय शादी की ज़रूरत। एक हैंडलूम साड़ी बुनने में कई हफ़्ते लग सकते हैं, और इसके डिज़ाइनों में कैरी, बेल और फूलदार बूटे जैसे मुग़लकालीन नमूने होते हैं।

  • कतान (शुद्ध रेशम)
  • ऑर्गेंज़ा (कोरा)
  • जॉर्जेट
  • तनछोई
  • जंगला
  • कटवर्क
  • बूटीदार

कहाँ मिलेगा: दुकानों के लिए चौक, गोदौलिया और विश्वनाथ गली; मदनपुरा, पीली कोठी और सराय मोहाना बुनकरों के मोहल्ले हैं।

सलाह: सिल्क मार्क और हैंडलूम मार्क का लेबल देखें। मशीन (पावरलूम) से बनी साड़ी काफ़ी सस्ती होती है, इसलिए साफ़ पूछें कि आप कौन सी ख़रीद रहे हैं।

ब्रोकेड, दुपट्टे और सिल्क का कपड़ातोहफ़े के लिए बढ़िया

ब्रोकेड, दुपट्टे और सिल्क का कपड़ा

अगर पूरी साड़ी नहीं लेनी, तो बनारसी दुपट्टे, स्टोल, सूट पीस और मीटर के हिसाब से ब्रोकेड कपड़ा जेब पर हल्का और ले जाने में आसान है। ब्रोकेड के कुशन कवर और टेबल रनर घर सजाने के लिए सुंदर तोहफ़े हैं।

  • दुपट्टे और स्टोल
  • सूट पीस
  • मीटर में ब्रोकेड
  • कुशन कवर
  • टाई और पॉकेट स्क्वेयर

कहाँ मिलेगा: गोदौलिया, चौक और दशाश्वमेध के आसपास की गलियाँ।

सलाह: ख़रीदने से पहले दो-तीन दुकानों पर दाम मिलाएँ, और छोटी दुकानों पर विनम्रता से मोलभाव करें।

हैंडलूम पर बुनाई देखेंअनुभव

हैंडलूम पर बुनाई देखें

बनारस के पुराने मोहल्लों में आज भी हज़ारों बुनकर परिवार लकड़ी के करघों पर काम करते हैं। किसी बुनकर को एक-एक धागा उठाकर ज़री का डिज़ाइन बनाते देखना साड़ी के प्रति नया सम्मान जगाता है, और सीधे ख़रीदने से इस कला को सहारा मिलता है।

  • बुनकरों के मोहल्ले
  • लाइव बुनाई
  • सीधे बुनकर से ख़रीदारी

कहाँ मिलेगा: मदनपुरा, लल्लापुरा, पीली कोठी और सराय मोहाना। किसी पंजीकृत गाइड के साथ जाना सबसे आसान है।

सलाह: जब कोई ऑटो वाला 'फ़ैक्ट्री' दिखाने की ज़िद करे तो सावधान रहें। ऐसे टूर में अक्सर दाम पर मोटा कमीशन जुड़ जाता है।

पीतल और ताँबे का सामानपुराने शहर की कला

पीतल और ताँबे का सामान

बनारस में धातु के काम की पुरानी परंपरा है। पूजा की थाली, दीये, कलश, घंटियाँ, मूर्तियाँ और ताँबे के पानी के बर्तन उन तंग गलियों में मिलते हैं जहाँ कारीगर आज भी हाथ से धातु गढ़ते हैं।

  • पूजा थाली और दीये
  • कलश और लोटा
  • घंटियाँ
  • मूर्तियाँ
  • ताँबे की बोतलें

कहाँ मिलेगा: चौक के पास ठठेरी बाज़ार धातु के सामान का पारंपरिक बाज़ार है।

सलाह: धातु का दाम अक्सर वज़न से तय होता है, इसलिए प्रति किलो रेट पूछें और तराज़ू पर वज़न देखें।

रुद्राक्ष और पूजा सामग्रीआध्यात्मिक यादगार

रुद्राक्ष और पूजा सामग्री

शिव की नगरी होने के कारण बनारस रुद्राक्ष की माला, गंगाजल के पात्र, कलावा, चंदन, सिंदूर और छोटे शिवलिंग ख़रीदने की सबसे अच्छी जगह है, जिन्हें परिवार और दोस्तों के लिए ले जा सकते हैं।

  • रुद्राक्ष माला
  • गंगाजल
  • चंदन और सिंदूर
  • छोटे शिवलिंग
  • जप माला

कहाँ मिलेगा: विश्वनाथ गली, दशाश्वमेध बाज़ार और काल भैरव मंदिर के आसपास की दुकानें।

सलाह: महँगे या 'दुर्लभ मुखी' रुद्राक्ष सिर्फ़ भरोसेमंद दुकान से लैब सर्टिफ़िकेट के साथ ही ख़रीदें।

बाज़ार

कहाँ ख़रीदारी करें

विश्वनाथ गली

विश्वनाथ गली

काशी विश्वनाथ की ओर जाती गली, जो पूजा सामग्री, चूड़ियों, साड़ियों और यादगार चीज़ों से भरी है।

रास्ता देखें
गोदौलिया बाज़ार

गोदौलिया बाज़ार

पुराने शहर का सबसे व्यस्त बाज़ार, जहाँ कपड़े, साड़ियाँ, जूते-चप्पल और चारों ओर स्ट्रीट फ़ूड है।

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ठठेरी बाज़ार

ठठेरी बाज़ार

चौक के पास पीतल, ताँबे और पूजा के बर्तनों का ऐतिहासिक बाज़ार।

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चौक

चौक

बनारसी साड़ी और सिल्क के व्यापार का पारंपरिक केंद्र, जहाँ पुरानी और जानी-मानी दुकानें हैं।

रास्ता देखें

और कलाएँ

बनारस की दूसरी कलाएँ

बनारस और आसपास की कई कलाओं को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला है। इन्हें भी ज़रूर देखें:

  • लकड़ी के रंगीन खिलौने
  • गुलाबी मीनाकारी
  • बनारस के काँच के मोती
  • भदोही के हाथ से बुने क़ालीन
  • बनारसी ज़रदोज़ी

समझदारी से ख़रीदारी

  • बजट तय करके ख़रीदारी करें, और ख़रीदने से पहले दो-तीन दुकानों पर दाम मिलाएँ।
  • सिल्क साड़ी के लिए सिल्क मार्क और हैंडलूम मार्क का लेबल और पक्का बिल माँगें।
  • ऑटो या रिक्शा वालों के 'फ़ैक्ट्री टूर' से बचें; उनमें आम तौर पर कमीशन होता है।
  • पुराने शहर की ज़्यादातर दुकानों पर UPI चलता है, पर छोटी दुकानों के लिए कुछ नक़द रखें।
  • सफ़र के लिए सिल्क और पीतल का सामान दुकान से ठीक से पैक करवा लें।