देव दीपावली 2026 · मंगलवार, 24 नवंबरसबसे अच्छे घाट, नाव की बुकिंग, ट्रैफ़िक नियम और एक दिन का प्लानपूरी गाइड पढ़ें
100+
गंगा किनारे घाट
3,000+
साल पुराना इतिहास
5
काशी विश्वनाथ में रोज़ की आरतियाँ
13
हमारी गाइड में ख़ास जगहें

वाराणसी, बनारस, काशी: एक अनादि नगरी

वाराणसी, जिसे बनारस और काशी भी कहते हैं, उत्तर प्रदेश में पवित्र गंगा के किनारे बसा दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहरों में से एक है। यहाँ काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, 100 से ज़्यादा घाट, शाम की प्रसिद्ध गंगा आरती और अस्सी घाट का शांत सुबह-ए-बनारस है।

बनारस दर्शन में आपकी यात्रा की योजना के लिए ज़रूरी सब कुछ है: मंदिरों का समय, घूमने की जगहें, बनारसी खान-पान, बनारसी साड़ी की ख़रीदारी और काम की यात्रा टिप्स, हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में।

कहाँ घूमें

हर यात्री को देखनी चाहिए ये जगहें

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काशी विश्वनाथ मंदिरमंदिर

काशी विश्वनाथ मंदिर

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर से गंगा घाट तक सीधा और चौड़ा रास्ता है।

  • समय: लगभग सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक (मंगला आरती से शुरू)
  • प्रवेश: सामान्य दर्शन फ़्री; सुगम दर्शन और आरती के लिए टिकट
सबसे अच्छा समय: सुबहपूरी जानकारी
दशाश्वमेध घाटघाट

दशाश्वमेध घाट

शाम की गंगा आरती के लिए सबसे मशहूर घाट। आरती से काफ़ी पहले पहुँचकर जगह ले लीजिए।

  • समय: पूरे दिन खुला; गंगा आरती सर्दी (अक्टूबर–मार्च) में लगभग शाम 6 बजे और गर्मी में 6:45 बजे, लगभग 45 मिनट
  • प्रवेश: फ़्री (नाव का किराया अलग)
सबसे अच्छा समय: शामपूरी जानकारी
अस्सी घाटघाट

अस्सी घाट

सुबह-ए-बनारस, योग और कुल्हड़ वाली चाय। शहर की सबसे शांत सुबह यहीं मिलती है।

  • समय: सुबह-ए-बनारस लगभग सुबह 5 बजे (गर्मी में और जल्दी)
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबहपूरी जानकारी
मणिकर्णिका घाटघाट

मणिकर्णिका घाट

काशी का महाश्मशान। यहाँ फ़ोटो लेने से बचिए और सम्मान बनाए रखिए।

  • समय: 24 घंटे खुला
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: कभी भीपूरी जानकारी
संकट मोचन मंदिरमंदिर

संकट मोचन मंदिर

हनुमान जी का प्राचीन मंदिर, तुलसीदास जी से जुड़ा हुआ। मंगलवार और शनिवार को भीड़ ज़्यादा होती है।

  • समय: लगभग सुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर में थोड़ी देर बंद)
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबहपूरी जानकारी
काल भैरव मंदिरमंदिर

काल भैरव मंदिर

काशी के कोतवाल। मान्यता है कि बनारस यात्रा इनके दर्शन के बिना अधूरी है।

  • समय: लगभग सुबह 5 से दोपहर 1:30 और शाम 4:30 से रात 9:30
  • प्रवेश: फ़्री
सबसे अच्छा समय: सुबहपूरी जानकारी

हर सुबह अस्सी घाट पर

सुबह-ए-बनारसबनारस की सुबह

'शाम-ए-अवध और सुबह-ए-बनारस' पूरे भारत में मशहूर हैं। 2014 से सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम हर सूर्योदय का स्वागत अस्सी घाट पर पूजा, संगीत और योग से करता है, और ये सबके लिए फ़्री है।

  1. गंगा आरतीपुजारी दीपों से उगते सूरज और माँ गंगा का स्वागत करते हैं।
  2. वैदिक मंत्र और हवनसंस्कृत मंत्र और हवन से घाट पर शांति छा जाती है।
  3. सुबह का रागस्थानीय कलाकारों का लाइव शास्त्रीय संगीत।
  4. गंगा किनारे योगयोग सत्र, जिसमें कोई भी शामिल हो सकता है।

गर्मी में लगभग सुबह 5 बजे और सर्दी में 6 बजे शुरू। अच्छी जगह के लिए 15 मिनट पहले पहुँचें।

अस्सी घाट पर सुबह की गंगा आरतीसूर्योदय आरती
सूर्योदय पर गंगा को प्रणाम करता एक श्रद्धालु

ख़ास गाइड

काशी विश्वनाथ दर्शन गाइड

आरती के समय से लेकर ऑनलाइन बुकिंग तक, आसान और शांत दर्शन के लिए ज़रूरी हर जानकारी।

  • दर्शन और आरती का समय
  • ऑनलाइन बुकिंग का स्टेप-बाय-स्टेप तरीक़ा
  • कौन से गेट से जाना आसान है
  • मोबाइल और सामान कहाँ रखें
  • कम भीड़ कब होती है
  • नक़ली पंडों से कैसे बचें
पूरी गाइड पढ़ें

क्या खाएँ

बनारस का स्वाद

बनारस में खाना भी समय देखकर खाया जाता है। सुबह कचौड़ी, शाम को चाट, और सर्दी हो तो मलइयो।

पूरी फ़ूड गाइड
कचौड़ी-सब्ज़ी और जलेबीसुबह का नाश्ता

कचौड़ी-सब्ज़ी और जलेबी

बनारस का असली नाश्ता: ख़स्ता कचौड़ी, आलू की तीखी सब्ज़ी, और ऊपर से गरम जलेबी।

टमाटर चाटशाम को

टमाटर चाट

कुल्हड़ में मसालेदार, खट्टी-मीठी चाट। बनारस के बाहर इसका असली स्वाद मिलना मुश्किल है।

मलइयोसिर्फ़ सर्दी में

मलइयो

दूध का झाग जो रात भर ओस में जमता है। हल्का, केसरिया और मुँह में घुल जाने वाला।

कुल्हड़ वाली लस्सीदिन में कभी भी

कुल्हड़ वाली लस्सी

गाढ़ी लस्सी, ऊपर मलाई की मोटी परत। गर्मी में घाट घूमने के बाद इससे बेहतर कुछ नहीं।

ख़रीदारी

बनारस की निशानी घर ले जाइए

हाथ से बुनी बनारसी सिल्क, ब्रोकेड, पीतल की पूजा सामग्री और रुद्राक्ष: शहर की बेहतरीन कलाएँ और वो कहाँ मिलती हैं।

ख़रीदारी गाइड

यात्रा टिप्स

जाने से पहले ये ज़रूर जानें

नाव का किराया पहले तय करें

नाव में बैठने से पहले ही घाटों की संख्या और किराया साफ़ कर लीजिए, बाद में बहस से बचेंगे।

गलियों में रास्ता पूछिए

पुराने बनारस की गलियों में Google Maps अक्सर उलझ जाता है। दुकान वालों से पूछना ज़्यादा तेज़ है।

'फ़्री' तिलक से सावधान

घाट पर ज़बरदस्ती तिलक लगाकर या 'VIP दर्शन' के नाम पर पैसे माँगने वालों को विनम्रता से मना कर दीजिए।