बनारस में 100 से ज़्यादा घाट हैं, और हर घाट की अपनी कहानी है। अगर समय कम हो, तो ये 8 घाट ज़रूर देखिए।
इस गाइड में
1. दशाश्वमेध घाट
बनारस का सबसे मशहूर और जीवंत घाट। हर शाम यहाँ होने वाली गंगा आरती देखने देश-विदेश से लोग आते हैं। आरती के लिए काफ़ी पहले पहुँचिए, या नाव से आरती देखिए।
2. अस्सी घाट
घाटों की श्रृंखला के दक्षिणी छोर पर। सुबह यहाँ 'सुबह-ए-बनारस' कार्यक्रम होता है जिसमें आरती, संगीत और योग होते हैं। चाय और कैफ़े के लिए भी ये घाट युवाओं का पसंदीदा है।
3. मणिकर्णिका घाट
काशी का सबसे पवित्र श्मशान घाट, जहाँ चिता कभी ठंडी नहीं होती। यहाँ आकर जीवन और मृत्यु का एक अलग ही दर्शन होता है। कृपया फ़ोटो न लें और शांत रहें।
4. हरिश्चंद्र घाट
राजा हरिश्चंद्र की सत्यवादिता की कथा से जुड़ा ये भी एक श्मशान घाट है, और बनारस के सबसे पुराने घाटों में गिना जाता है।
5. केदार घाट
लाल-सफ़ेद धारियों वाली सीढ़ियों से पहचाना जाने वाला घाट, जहाँ केदारेश्वर महादेव का मंदिर है। दक्षिण भारत के यात्रियों में ये बहुत लोकप्रिय है।
6. तुलसी घाट
गोस्वामी तुलसीदास जी से जुड़ा घाट। कार्तिक मास में यहाँ होने वाली नाग नथैया लीला देखने बहुत भीड़ आती है।
7. दरभंगा घाट
घाट के ऊपर बना भव्य महल इसे बनारस के सबसे सुंदर घाटों में शामिल करता है। नाव से देखने पर इसकी ख़ूबसूरती सबसे ज़्यादा दिखती है।
8. पंचगंगा घाट
मान्यता है कि यहाँ पाँच नदियों का संगम होता है। कार्तिक मास में यहाँ दीयों से सजाया जाने वाला हज़ारा दीप स्तंभ देखने लायक होता है।
घाट देखने का सबसे अच्छा तरीक़ा
सुबह सूर्योदय के समय अस्सी से मणिकर्णिका तक नाव से जाइए। एक घंटे में ज़्यादातर ख़ास घाट दिख जाते हैं, और सुबह की रोशनी में बनारस सबसे सुंदर लगता है। नाव का किराया बैठने से पहले तय कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बनारस में कितने घाट हैं?
बनारस में 100 से ज़्यादा घाट हैं, जो अस्सी से लेकर राज घाट तक गंगा के किनारे फैले हुए हैं।
गंगा आरती कहाँ देखें?
शाम की मुख्य गंगा आरती दशाश्वमेध घाट पर होती है। सुबह की आरती अस्सी घाट पर देखी जा सकती है।



