दो दिन में पूरा बनारस देखना मुमकिन नहीं, लेकिन सही प्लान हो तो उसकी आत्मा ज़रूर देख सकते हैं।
इस गाइड में
पहला दिन: घाट और मंदिर
सुबह सूर्योदय से पहले अस्सी घाट पहुँचिए और सुबह-ए-बनारस देखिए। फिर नाव से अस्सी से मणिकर्णिका तक घाट देखिए।
नाश्ते में कचौड़ी-सब्ज़ी और जलेबी खाइए। इसके बाद काशी विश्वनाथ के दर्शन कीजिए और कॉरिडोर घूमिए।
दोपहर में आराम कीजिए, और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखिए। रात को टमाटर चाट और पान के साथ दिन ख़त्म कीजिए।
दूसरा दिन: सारनाथ और पुराना बनारस
सुबह संकट मोचन और काल भैरव मंदिर जाइए। फिर सारनाथ निकलिए: धमेख स्तूप, म्यूज़ियम और बौद्ध मंदिर देखने में आधा दिन लगता है।
लौटकर शाम को पुराने शहर की गलियों में घूमिए, लस्सी पीजिए और बनारसी साड़ी या लकड़ी के खिलौने ख़रीदिए।
कहाँ रुकें
घाट के पास रुकने से सुबह की नाव और आरती दोनों आसान हो जाते हैं। बजट कम हो तो गोदौलिया और अस्सी के आस-पास कई गेस्ट हाउस मिल जाते हैं।
घूमने का सबसे अच्छा मौसम
अक्टूबर से मार्च तक मौसम सबसे सुहावना रहता है। देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा) पर बनारस सबसे सुंदर दिखता है, लेकिन उस समय होटल पहले से बुक करना ज़रूरी है।



